
Vastu Tips: जब हम एक नया घर लेते हैं तो यह हमारे लिए एक बेहद ही खुशी की बात होती है. यह हमारे लिए सिर्फ एक रहने की जगह नहीं, बल्कि जिंदगी में होने वाली नयी शुरुआत और सपनों से भी जुड़ा हुआ होता है. जब हम एक नए घर में शिफ्ट करते हैं, तो अक्सर हमारी यही चाहत होती है कि घर में खुशियां, शांति और तरक्की हमेशा ही बरकरार रहे. लेकिन, कई बार हम एक जरूरी चीज को नजरअंदाज कर देते हैं जिसकी वजह से जीवन में परेशानियां आने लग जाती है. यह जरूरी चीज और कुछ नहीं बल्कि घर का वास्तु है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दिशा और उसकी बनावट हमारे जीवन में काफी गहरा असर डाल सकती हैं. जब घर में सही एनर्जी होती है, तो सबकुछ ही बेहतर चल रहा होता है. वहीं, जब ये एनर्जी निगेटिव होती है, तो जीवन में परेशानियों का आना शुरू हो सकता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका ख्याल आपको हमेशा ही एक नए घर में शिफ्ट होने से पहले जरूर रखना चाहिए. तो चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से.
मुख्य द्वार की दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार से ही पॉजिटिव एनर्जी का आगमन होता है. यह एक बड़ी वजह है कि आपको नए घर में शिफ्ट होने से पहले इसकी दिशा का खास ख्याल रखना पड़ता है. घर का मुख्य दरवाजा हमेशा उत्तर, उत्तर-पूर्व या फिर पूर्व दिशा में होना चाहिए. इस दिशा में बना दरवाजा घर और जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आता है.
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किचन की सही जगह
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का किचन हमेशा ही दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए. जब आप नए घर में शिफ्ट कर रहे हों, तो इस बात का ख्याल आपको जरूर रखना चाहिए. इस दिशा को अग्नि कोण भी माना जाता है. जब किचन सही जगह पर होता है तो घर में सभी की सेहत पर पॉजिटिव असर पड़ता है. इसके अलावा आपकी आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती चली जाती है.
किस दिशा में होना चाहिए बेडरूम?
घर का जो मास्टर बेडरूम है उसे हमेशा दक्षिण-पश्चिम दिशा में होना चाहिए. इसे सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है. जब मास्टर बेडरूम इस दिशा में होता है, तो परिवार में स्टेबिलिटी और रिश्तों में मजबूती आती है. इसके अलावा जब आप बिस्तर पर सो रहे हों, तो आपका सिर दक्षिण या फिर पूर्व दिशा की तरफ ही होना चाहिए.
पूजा घर का सही स्थान
घर में पूजा के स्थान को हमेशा ही उत्तर-पूर्व दिशा यानी कि ईशान कोण में होना चाहिए. इस दिशा को स्पिरिचुअल एनर्जी के लिए सबसे बेहतर माना गया है. जब पूजा का स्थान यहां पर होता है, तो आपके घर में शांति बनी रहती है.
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बाथरूम और टॉयलेट की दिशा
जब आप नए घर में प्रवेश कर रहे हैं, तो इस बात का ख्याल जरूर रखें कि बाथरूम और टॉयलेट हमेशा उत्तर-पश्चिम या फिर पश्चिम दिशा में ही हो. आपको कभी भी इसे किचन या फिर पूजा घर के पास नहीं रखना या फिर बनवाना चाहिए. अगर आप इस बात को नजरअंदाज करते हैं, तो इसकी वजह से निगेटिव एनर्जी काफी ज्यादा बढ़ सकती है.
खिड़कियां और वेंटिलेशन का रखें ख्याल
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर पर पर्याप्त रोशनी और हवा का आना भी काफी ज्यादा जरूरी होता है. इसके लिए उत्तर या पूर्व दिशा में खिड़कियों का होना शुभ माना जाता है. इन दिशाओं में खिड़कियों के होने से पूरे घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बना हुआ रहता है.
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