असम, केरल और पुदुचेरी में 9 अप्रैल को सफलतापूर्वक मतदान कराया गया। इस बार तीन में से दो राज्यों में मतदान के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए। जहां असम में इस बार 85.9 फीसदी वोट पड़े, वहीं पुदुचेरी में 89.87 प्रतिशत वोटिंग हुई। इस लिहाज से असम में 2016 का 84.67% और पुदुचेरी में 2011 का 86.9 प्रतिशत वोटिंग का रिकॉर्ड टूट गया। इन दोनों राज्यों के अलावा केरल ने भी पिछली बार से अधिक मतदान दर्ज किया गया।

इन रिकॉर्डतोड़ वोटिंग के आंकड़ों के बीच ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि निर्वाचन आयोग की तरफ से इस बार चुनाव से पहले कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में वोटरों की घटी संख्या की वजह से ही अलग-अलग राज्यों में वोटिंग में उछाल दर्ज हुआ। तर्क यह दिया जा रहा है कि चूंकि इस बार वोटर पिछली बार के मुकाबले कम थे, इसलिए मतदान प्रतिशत में उछाल आना तय था। अमर उजाला ने पंजीकृत मतदाताओं और वोट प्रतिशत की तुलना की और जाना कि आखिर इन दावों की क्या सच्चाई है।

