
Parenting Tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि छोटे बच्चे भी स्ट्रेस से गुजर रहे हैं. पढ़ाई का प्रेशर, दोस्तों के साथ कम्पेरिजन या फिर घर का खराब माहौल, ये सभी चीजें डायरेक्टली बच्चे के दिल और दिमाग पर असर डालती हैं. कई बच्चे अपने इमोशंस को खुलकर बता देते हैं, लेकिन कुछ ऐसे बच्चे भी होते हैं जो अपने अंदर से स्ट्रेस को पैरेंट्स से शेयर तक नहीं कर पाते हैं. ऐसे हालात में यह पैरेंट्स के लिए जरूरी हो जाता है कि वे बच्चे के अंदर चल रही चीजों को समझने की कोशिश करें. एक पैरेंट होने के नाते आपको अपने बच्चे के व्यवहार और उसमें आ रहे बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए. आज इस आर्टिकल में हम आपको 3 ऐसे संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अगर आपको अपने बच्चे में दिखे, तो समझ जाएं कि वह स्ट्रेस से गुजर रहा है. चलिए इनके बारे में जानते हैं.
व्यवहार में अचानक बदलाव आना
अगर आपका बच्चा अचानक से ही चिड़चिड़ा, गुस्सैल या फिर हद से ज्यादा शांत हो गया है, तो यह भी एक तरह से स्ट्रेस का संकेत हो सकता है. जो बच्चा पहले खुश रहता था, हंसता-खेलता था, अगर अब वह अकेले रहना चाहे या फिर छोटी से छोटी बात बार गुस्सा करने लगे, तो आपको कभी भी इस संकेत को अनदेखा नहीं करना चाहिए. कई बार ऐसा होता है कि बच्चे अपने इमोशंस को शब्दों में बयां नहीं कर पाते हैं, लेकिन इसका असर आपको सीधा उनके व्यवहार में देखने को मिल जाता है. अगर ऐसा हो रहा है, तो अपने बच्चे से प्यार से बात करें और उसके जीवन में चल रही परेशानियों को समझने की कोशिश करें. इस समय आपको उसे कभी भी डांटना या फिर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
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नींद और खाने की आदतों में बदलाव
जब आपने बच्चे स्ट्रेस में होते हैं, तो इसका सीधा असर उनकी नींद और भूख पर देखने को मिलता है. अगर आपका बच्चा पहले के मुकाबले अब ज्यादा सो रहा है, या फिर उसे नींद ही नहीं आ रही है, तो यह आपके लिए चिंता का विषय हो सकता है. ठीक इसी तरह अगर अचानक से आपके बच्चे की भूख कम हो जाए या फिर वह जरूरत से ज्यादा खाने लगे, तो यह भी स्ट्रेस के संकेत हो सकते हैं. आपके लिए यह काफी जरूरी है कि आप उसके रूटीन पर ध्यान दें. अगर आपको यह बदलाव लंबे समय तक दिखाई दे रहा है, तो आपको अपने बच्चे से बात करना चाहिए और उसकी डली रूटीन को सुधारने में उसकी मदद करनी चाहिए.

पढ़ाई या फेवरेट चीजों में इंटरेस्ट कम होना
हर बच्चे की कोई न कोई फेवरेट एक्टिविटी होती ही है. किसी को खेलना पसंद होता है तो कोई ड्रॉइंग करने में ही अपना सारा दिन निकाल देता है. अगर आपका बच्चा अचानक से अपनी फेवरेट चीजों से या फिर एक्टिविटीज से दूरी बना ले, तो यह भी संकेत हो सकता है कि वह इस समय स्ट्रेस में हैं. इसके अलावा स्ट्रेस की वजह से कई बार बच्चे पढ़ाई भी कम कर देते हैं, चीजों में फोकस करने में उन्हें दिक्कत होती है या फिर वे चीजें भूलने भी लग जाते हैं. ये सभी चीजें मेंटल प्रेशर के संकेत हो सकते हैं. अगर ऐसा हो रहा है तो आपको अपने बच्चे को डांटना नहीं, बल्कि उसे समझना और सपोर्ट करना शुरू कर देना चाहिए.
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