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ईरान के ‘ऑयल हब’ खार्ग आइलैंड पर भीषण हमला, ट्रंप की डेडलाइन से पहले भड़की जंग, खाड़ी में हाहाकार

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Iran Kharg Island Attack:  ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल ठिकाने ‘खार्ग आइलैंड’ (Kharg Island) पर ताबड़तोड़ हमले किए गए. यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई उस डेडलाइन के खत्म होने से ठीक पहले हुआ है, जिसमें उन्होंने ईरान को ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) खोलने के लिए बुधवार सुबह 5:30 बजे (भारतीय समयानुसार) तक का वक्त दिया था. इन हमलों के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अब उनके ‘धैर्य की सीमा समाप्त’ हो गई है.

ईरान की न्यूज एजेंसी ‘मेहर’ के मुताबिक, खार्ग आइलैंड पर स्थित तेल निर्यात केंद्र को इन हमलों में भारी नुकसान पहुंचा है. बता दें कि यह टापू ईरान के लिए रीढ़ की हड्डी जैसा है, क्योंकि ईरान का 90 प्रतिशत कच्चा तेल यहीं से दुनिया भर में भेजा जाता है. यहाँ करीब 3 करोड़ बैरल तेल जमा करने की क्षमता है. इस हमले के बाद अब पूरी दुनिया में कच्चे तेल की सप्लाई रुकने का खतरा पैदा हो गया है.

ईरान की जवाबी धमकी: ‘सब कुछ राख कर देंगे’
हमले से बौखलाई ईरानी सेना (IRGC) ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है. ईरान ने कहा है कि वह अब अमेरिका के करीबियों के गैस और तेल ठिकानों को निशाना बनाएगा और पूरे क्षेत्र में ईंधन की सप्लाई को सालों के लिए ठप कर देगा. उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, तो मिडिल ईस्ट के अन्य देशों के ऊर्जा ठिकाने “राख के ढेर” में बदल दिए जाएंगे.

डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख और 48 घंटे की मोहलत
यह तनाव तब और बढ़ गया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले हफ्ते कहा था कि अमेरिकी सेना इस द्वीप पर कब्जा कर सकती है. रविवार को एक तीखे बयान में ट्रंप ने ईरान को फटकार लगाते हुए 48 घंटे के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता साफ करने की डेडलाइन दी थी. इससे पहले भी अमेरिका ने खार्ग आइलैंड के मिलिट्री ठिकानों और मिसाइल बंकरों पर हमले किए थे, लेकिन तब तेल के कुओं को छोड़ दिया गया था.

सीजफायर प्लान को ईरान ने ठुकराया
ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब पिछले 6 हफ्तों से चल रही इस जंग को रोकने के लिए अमेरिका ने एक नया युद्धविराम (Ceasefire) प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया. ईरान का कहना है कि वह झुकने वाला नहीं है.

क्यों खास है ‘खार्ग आइलैंड’?
ईरान के तट से करीब 16 मील दूर स्थित इस द्वीप को “फॉरबिडन आइलैंड” (प्रतिबंधित द्वीप) भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ सुरक्षा का कड़ा पहरा रहता है. यह हॉर्मुज जलडमरूमध्य से करीब 300 मील दूर है और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था इस द्वीप से होने वाली तेल सप्लाई पर निर्भर करती है. अब इन हमलों के बाद वैश्विक बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगने की आशंका जताई जा रही है.

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